TMC कमिश्नर को बॉम्बे हाई कोर्ट का अवमानना नोटिस

आयुक्त सौरभ राव

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को ठाणे महापालिका आयुक्त (TMC) आयुक्त सौरभ राव और सहायक निदेशक (टाउन प्लानिंग) संग्राम कनाडे को अवमानना नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने रियल एस्टेट कंपनी डी डाह्याभाई एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (DDCPL) को उसकी 4,04,721 वर्ग मीटर (लगभग 100 एकड़) जमीन ठाणे महापालिका को सौंपने के बदले डेवलपमेंट राइट्स सर्टिफिकेट (DRC) या ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) प्रदान नहीं किया।

20 फरवरी को हाईकोर्ट ने TMC को 25 फरवरी से 21 दिनों के भीतर DRC या TDR देने का आदेश दिया था, जिससे 50 साल पुराने विवाद का अंत होना था। यह विवाद इस बात को लेकर था कि ठाणे के मानपाड़ा इलाके की 193 एकड़ से अधिक जमीन को “निजी वन” घोषित कर राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जाए या नहीं। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र राजस्व न्यायाधिकरण (MRT) के 2017 के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें इस जमीन को निजी वन घोषित करने से इन्कार किया गया था।

हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि TMC अपने उस आश्वासन से पीछे नहीं हट सकती, जिसमें उसने अधिग्रहित जमीन के एक हिस्से के बदले DDCPL को DRC देने की बात कही थी। अदालत ने कहा कि DRC देने से इन्कार करना “अन्यायपूर्ण और अनुचित” होगा और इससे जमीन मालिक के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

निर्धारित समय के भीतर आदेश का पालन न करने पर DDCPL ने तर्क दिया कि TMC अदालत की अवमानना कर रहा है। सोमवार को इस याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस आर.वी. घुगे और जस्टिस अभय मंत्री की खंडपीठ ने TMC की कड़ी आलोचना की।

खंडपीठ ने कहा- इस अवमानना याचिका में समय-समय पर दिए गए हमारे आदेश स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि हमने TMC के प्रति अत्यंत धैर्य रखा है, इसके बावजूद कि TMC ने हमारी उदारता का अनुचित लाभ उठाया है। बहुत कम ही ऐसा होता है कि कोई प्रतिवादी अवमानना कार्यवाही में अदालत का सामना करने की स्थिति पैदा करे।

न्यायाधीशों ने यह भी उल्लेख किया कि 17 सितंबर 2025 को TMC ने एक सिविल अदालत के समक्ष यह सहमति दी थी कि वह सौंपी गई जमीन के हिस्से के लिए DDCPL को DRC प्रदान करेगा। TMC के वकील ने अदालत को बताया कि अब तक किसी भी पक्ष ने 20 फरवरी के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी है। हालांकि, उन्होंने यह तर्क दिया कि यदि कोई उच्च अदालत इस फैसले में बदलाव करती है और इस बीच DDCPL DRC का उपयोग कर लेती है, तो इससे “अपरिवर्तनीय स्थिति” उत्पन्न हो सकती है।

वहीं DDCPL के वकील चिराग बालसारा ने कहा कि कंपनी ने अप्रैल 2025 में ही हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि यदि भविष्य में कोई अदालत का आदेश उसके खिलाफ जाता है, तो वह TMC को क्षतिपूर्ति (इंडेम्निफाई) करेगी।

न्यायालय की अवमानना के तहत नोटिस जारी करते हुए हाई कोर्ट ने सौरभ राव और संग्राम कनाडे को 5 मई को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

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